Culture and environment

रविवार, 24 अगस्त 2025

तीजा पोरा तिहार ल तिहार के राजा केहे जाथे

तीज़ा पोरा तिहार ल तिहार के राजा कहे जाथे
आलेख - उमराव सिंह वर्मा, परामर्शदाता, परिवार न्यायालय

भादो महिना के अमावस्या के पोरा तिहार अऊ शुक्ल पक्ष, तृतीया के तीजा तिहार मनाए जाथे अऊ दुनो ल एक संग तीजा पोरा केहे जाथे । तीजा के तईयारी ह आठेकनहईया के बाद से शुरू हो जथे, जब दाई बहिनी मन अपन ददा या भाई के रस्ता देखे बर शुरू कर देथे । छत्तीसगढ़ के संस्कृती अऊ लोक जीवन म तिहार के बहुत महत्व हे, तिहार ह लोगन ल एक-दूसर से जोड़े के माध्यम घलो आए, अपन सबो नता रिश्ता ल समय दे के परब आए, नता रिश्ता के अहमियत अऊ पहचान के उत्सव हरै। पोरा तिहार म कुम्हार भाई मन ह माटी के एक पात्र बना के देथे, जेन ल पोरा केहे जाथे, छत्तीसगढ ह खेती-किसानी के राज्य हरै, इही दिन किसान भाई मन बईला के पुजा करथे, जेन ह पशु बर सम्मान के प्रतीक आए, इही दिन कुम्हार समाज के भाई मन माटी से बईला के प्रतीक रूप बना के घर घर पहूंचाए ल जाथे, आजकाल बाजार म घलोक मिल जथे, अऊ एकर पोरा तिहार के दिन एकर पुजा करे जाथे । तीसरईया दिन ले तीजा ह शुरू होथे, जेन ल माता बहिनी मन करेला साग के संग म भात अऊ रोटीपीठा खा के शुरू करथे, ये तिहार के रौनक ह बाकी तिहार ले जादा होथे काबर कि ससुराल ले खासकर तीजा तिहार म खुशी-खुशी मईके जाए के अलग ही उत्साह होथे। ये तिहार के खास बात ये हरै कि ये तिहार के मान्यता हवै कि माता बहिनी मन पति की लंबी उमर अऊ सुख समृद्धि के कामना बर सोलह श्रंगार करके, बिना पानी पिए उपास रहिथे, अऊ फरहार करे के पहिली मइके के लुगरा ह ये तिहार के संस्कृति ल पुरा कर देथे। पति-पत्नी के रिश्ता ह बहुत अधिक विश्वास के रिश्ता आए अऊ ये विश्वास के डोरी ल मजबूत करे म ये तिहार के विशेष जगहा हवै । फेर दुख वो समय म होथे जब शराब, शक, अपमान, दुसर लोगन के भड़काए, आजकाल मोबाइल जइसे बहुत कन कारण से पति-पत्नी के रिश्ता म दुरी आ जथे, अऊ रिश्ता म कड़वापन आ जथे, छोटे-छोटे बात ह कब बड़े रूप ले लेथे, ये पता हीं नहीं चल पावै, अइसे कतको कारण ल धियान देते हुए ये तिहार ह पति-पत्नी के रिश्ता ल समझे अऊ भावनात्मक जुड़ाव लाए बर विशेष भूमिका निभाथे। सबो तिहार अऊ परब ह हमर संस्कृति ल एक पीढ़ी ले दुसर पीढ़ी म ले जाए के बुता घलो करथे । जेन ल आने वाला पीढ़ी ह अपन इतिहास अऊ संस्कृति के रूप म प्रचलन म रखथे, वो संस्कृति ल नवा पीढ़ी ह सहेज के राखथे।

उमराव सिंह वर्मा, सेमरिया, बेमेतरा (छ.ग) 6263219281