Culture and environment

बुधवार, 28 मई 2025

पर्यटकों को प्राकृतिक धार्मिक स्थलों की ओर आकर्षित करता है प्री मानसून सीजन : उमराव सिंह वर्मा

*पर्यटकों को प्राकृतिक धार्मिक स्थलों की ओर आकर्षित करता है प्री मानसून सीजन : उमराव सिंह वर्मा*

आज हम सभी जलवायु परिवर्तन के उस दौर से गुजर रहे हैं जो प्रत्येक तीस वर्षों में होता है। जी हां ! आज का जलवायु और मौसम पिछले तीस वर्ष पहले के जलवायु और मौसम से बिल्कुल अलग है, पहले हिन्दी के बैशाख और ज्येष्ठ का महीना ग्रीष्मकाल में सबसे अधिक तापमान वाला मौसम हुआ करता था, आषाढ़ और सावन सबसे अधिक बारिश वाला महीना होता था परन्तु अब ऐसा नहीं है अब पहले का बैशाख और ज्येष्ठ जिसमें नौ तपा में लोगों की जीवनशैली बदल जाती थी, लू और भयंकर धुप से बचने के लिए प्याज रखना, चेहरे और सिर को कपड़ों से ढकना आम बात होती थी परन्तु आज बैशाख और ज्येष्ठ के महिने में तेज आंधी तूफान और बारिश का मौसम जैसा बना हुआ है कभी कभी तेज बारिश भी हो जाती है दिनभर बादल ढका हुआ है। ऐसे जलवायु परिवर्तन प्रत्येक तीस वर्षों के अंतराल में होता है, मानसून के पहले की इस बादलों से ढका हुआ मौसम और हल्की बारिश की फूहारों में लोग पर्यटन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे समय में देश के सांस्कृतिक, प्राकृतिक, प्राचीन, धार्मिक आदि पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की भीड़ बढ़ रही है जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। प्री-मानसून का मौसम मार्च से मई तक होता है, जो पर्यटकों को प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करने का समय होता है इस दौरान हल्की बारिश के कारण बहुत सी प्राकृतिक स्थलों की हरियाली और सूंदरता बढ़ जाती हैं। छत्तीसगढ़ में धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों जैसे - दामाखेड़ा, भोरमदेव, सिरपुर, ताला, मल्हार, तीरथगढ़ जलप्रपात है जहां लोग अपने परिवार के साथ छुट्टियों का आनन्द ले रहे हैं।पर्यटकों को आकर्षित करता है प्री मानसून सीजन

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