Reference : umrao singh verma, www.dharmavani.com 08/04/2022
Nature, Social dysnomia, Climate change, folk songs and poem, प्रकृति, प्रकृति के सामने, पढाई कैसे करें, Cultural Anthropology and Environment
शुक्रवार, 8 अप्रैल 2022
संस्कारों से ही बचेंगे टूटते परिवार
मंगलवार, 1 मार्च 2022
सद्गुरु कबीर साहब की वाणीवचन Sadguru Kabir Sahab
जिस दिन पूरी दुनिया सद्गुरु कबीर साहब के बताएं मार्ग पर चलने लग जाएगी, जिस दिन संसार का हर एक एक इंसान सद्गुरु कबीर साहब के वाणीवचनों को समझकर उसी मार्ग का अनुसरण और अनुकरण करने लगेगा, ना किसी परिवार में और ना ही कहीं दुनिया में लड़ाई झगड़ा, कोर्ट कचेहरी और महा भयानक युद्ध का नौबत नहीं आएगी |
🙏 सादर सप्रेम साहेब बंदगी 🙏
- #उमराव_सिंह_वर्मा_सामाजिक_मानववैज्ञानिक
The day the whole world will start following on the path told by Sadguru Kabir Sahib, on the day every single person in the world will understand the words of Sadguru Kabir Sahib and follow the same path, neither in any family nor in the world. There will be no quarrel, courtroom and great terrible war.
Regards Saprem Saheb Bandgi🙏
- #Umrao_Singh_Verma_Social_Anthropologist
मंगलवार, 22 फ़रवरी 2022
इस साल कुछ अलग होली
इस बार होली कुछ अलग ढंग से मनाइए, यह एक पावन त्यौहार है बस सब खुद से एक वादा कीजिए कि इस होली में शराब नहीं पिएंगे, नशा नहीं करेंगे, बल्कि अपने अपने गांव में खुशी से होली मिलन समारोह मनाएंगे, होली मिलन समारोह लिखा हुआ एक बैनर बनाइये जिसे गांव के मुख्य चौक में लगा दीजिए, नीचे नंगारा के साथ फाग गीत का माहौल बनाइये, डंडा नृत्य का आयोजन कीजिए क्योकि धीरे धीरे शराब के कारण फाग गीत और डंडा नृत्य विलुप्त हो रहा है | वहीं आसपास कुर्सियां सजा सकते हैं जिसके सामने खूब सारे रंग बिरंगे ग़ुलाल को सजाकर रख सकते हैं हो सके तो फाग गीत के लिए साउंड सिस्टम की व्यवस्था कर सकते है एक अच्छी संस्कृति को संस्कार के साथ मनाएं और फाग और डंडा नृत्य के सुन्दर माहौल में सब साथ बैठिए,और रंग ग़ुलाल का आनंद लीजिए...
उमराव सिंह वर्मा
गोल्डमेडल, सामाजिक मानववैज्ञानिक
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*हम माली हैं पुण्य धरा के* -उमराव सिंह वर्मा हम माली हैं पुण्य धरा के, आओ सींचे नीर गगन से। हम माली हैं पुण्य धरा के, आओ सींचे ...
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अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस विशेष परिवार : वर्तमान परिदृश्य _- उमराव सिंह वर्मा_ _______________________________ आज अंतर...